रविवार, 10 जुलाई 2011

अन्ना हजारे बेचारे क्या करेंगे? यहाँ तो टोकरी के सारे सेब सड़े हैं। हम निर्लज्ज भी हैं, भ्रष्ट भी और उन्हें कायम रखने के लिए प्रयास रत भी। हम छाती थोक कर कहते हैं कि हम भ्रष्ट हैं, टीवी पर जेल जाते हुए हाथ हिलाते हैं, जनता मंत्रमुग्ध होकर उन्हें देखती है, उनके जेल जाने पर आंसू बहाती है, वे हमारे नेता हैं, हमने उन्हें पांच साल के लिए जनता की छाती चीड कर खून पीने का न्योता दे रखा है। वे चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उन्हें पांच साल के लिए भारत देश को बेच कर अपना घर भरने की छूट है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें