राम कहानी
रविवार, 10 जुलाई 2011
सच्चाई कितनी
हमारा देश कई पटरियों पर दौड रहा है. एक ओर भ्रष्ट तंत्र है तो दूसरी ओर उसके खिलाफ झंडा बुलद करने वाले चद युवक हैं. यहां प्रजातन्त्र है, राजतंत्र है, साम्यवाद है, मार्क्स है, अराजकतावादी हैं, गद्दार भी हैं तो नमक हलाल भी. सभी का स्वागत है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें